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अलंकार शर्मा

डा0 अशोक शर्मा अपने समय के एक सम्पूर्ण व्यक्तित्व थे। वे अपने पूर्वजों की परम्परा के नायक और वाहक रहे | उन्होंने अपने क्रान्तिकारी विचारों से सनातन धर्म, विज्ञान और दर्शन को तार्किक
रूप से अपने देश और विदेशों में प्रचारित किया, उनके विचार वेदों, श्रुतियों और अन्यान्य दर्शन ग्रन्थों से अनुप्राणित्त थे।

डा0 शर्मा का जन्म 9 अक्टूबर 947 को हाथरस में श्री बैजनाथ शर्मा जी के घर में हुआ था जो
कि उस समय के जाने माने ज्योतिषी, आविष्कारक और होम्योपैथ थे। उनकी परवरिश ऐसे घर में हुई
जहाँ घर की बैठक हमेशा विद्वानों, पंडितों और गणमान्य लोगों से भरी रहती थी। अत: बचपन से ही
पढ़ने, समझने और तर्क करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति उनमें विकसित हुई | कविता लिखना, समस्यापूर्ति व
वाद-विवाद प्रतियोगिता उनके लिए हमेशा से ही रुचिकर रहीं | बाल्यकाल से ही उन्हें संस्कृत, ज्योतिष
और कर्म-काण्ड में प्रशिक्षित किया गया और बाद के जीवन में उनकी सोच पर इन सभी का गहरा प्रभाव रहा।

स्कूल के समय में वे हॉँकी के खिलाड़ी रहे और पीएसी0 बागला कॉलेज में छात्र संध के पहले
अध्यंक्ष रहे जहाँ से वे हिन्दी में बी0ए0 कर रहें थे। इसके उपरान्त वे उच्चतर शिक्षा के लिए इलाहाबाद
आये जहाँ उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ॥97+ में हिन्दी में एम0ए0 किया तदोपरान्त
“स्वात्तन्त्योत्तर हिन्दी कविता में लोक जीवन” विषय में डी0/फिल/ १977 में पूर्ण किया। इलाहाबाद में
कॉलेज के समय में वे कई साहित्यकारों के सम्पर्क में रहे और कविता और साहित्य के प्रति विशेष लगाव
इसी समय में पैदा हुआ। उस समय इलाहाबाद हिन्दी साहित्यकारों का गढ़ हुआ करता था। डाए शर्मा
नई कविता से प्रभावित हुए और स्वयं कविता करने लगे। इस समय मेँ उन्होंने कई कवि सम्मेलनों में
काव्य पाठ किया जहाँ उन्हें महान्‌ हिन्दी कवि कवियित्री जैसे महादेवी वर्मा, निराला, सुमित्रानन्दन पन्त
का सान्निध्य मिला। सुमित्रानन्दंन जी ने उनके एक काव्य संग्रह “मन सम्पात्ती” की भूमिका भी लिखी
थी। इसी समय में लिखी उनकी रचेनायें कई पत्र-पत्रिकाओं जैसे घर्मयुग, कादम्बिनी आदि में प्रकाशित्तं हुई और बाद के वर्षों में स्वतंत्र काव्य संग्रह के रूप में प्रकाशित हुई | आल इण्डिया रेडियो, इलाहाबाद, मथुरा और आंगरा से भी उनकी कई रंचनायें और वार्ताएँ प्रसारित हुईं। डा0 शर्मा की कविताओं में गम्भीर चेतना, भावना और दृढ़ आशा के साथ महती सकारशत्मक सोच दिखाई देती हैं।

May 2, 2022

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